उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के काम मे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ,शामली की उपलब्धियां September 10, 2020 • Mahesh Kumar Sharma उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के काम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन,शामली की उपलब्धियां।शामली।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन शामली के द्वारा जनपद में 4157 समूह गठित किये गये है।जिनमें कुल 45392 महिला सदस्य सम्मलित है।वित्तीय वर्ष 2020-21 में 529 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। उ0प्र0 सरका के विगत तीन वर्षों के कार्यकाल में 3,154 स्वयं सहायता समूह गठित किये गये हैं। जिनको 40 करोड़ रुपये की धनराशि आजीविका एवं अन्य गतिविधियों हेतु उपलब्ध कराये गये हैं। वर्ष 2020-21 में 529 स्वयं सहायता समूह गठित किये गये है। विगत तीन वर्षो में जनपद में उ0प्र0 सरकार द्वारा आजीविका मिशन के माध्यम से 15,000 प्रति समूह की दर से 2810 स्वयं सहायता समूह को 4 करोड 21 लाख रुपये की धनराशि रिवाल्विंग फण्ड के रुप में दी गयी है एवं सामुदायिक निवेश निधि के रुप में 2383 समूहो को 1,10,000 रुपये प्रति समूह की दर से आजीविका गतिविधियों हेतु 26 करोड 21 लाख रुपये की धनराशि दी गयी है एवं 146 ग्राम संगठनों को जोखिम निधि निवारण के रुप में 1 करोड 19 लाख रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। जिसका उपयोग कोराना जैसी महामारी के समय आर्थिक रुप से कमजोर महिलाओ को लाभान्वित किये जाने में किया गया है। इसके साथ ही जनपद में आजीविका हेतु 1409 समूहो को 1,00,000 रुपये की दर से बैंक क्रेडिट लिकेंज के माध्यम से लाभान्वित किया गया है।उ0प्र0 सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में 50 ग्राम संगठनों को आजीविका बढाने हेतु आजीविका निधि के रुप में प्रति ग्राम संगठन 2,00,000 धनराशि की दर से 1 करोड की धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। कोराना महामारी से जनमानस की सुरक्षा हेतु स्वयं सहायता समूहों की महिलओं के द्वारा जनपद में 4 फेस मास्क यूनिट बनवाई गयी है। जिनमें महिलाओं के द्वारा 362955 फेस मास्क तैयार करके जनमानस को उपलब्ध कराये गये है। इसमें सरकार द्वारा 90000 रुपये का अनुदान भी दिया गया है। जनपद में कोरोना काल की अवधि में 01-04-2020 से 2774 परिवारो का रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 221 परिवार प्रवासी श्रृमिक भी है। जिसमें सरकार द्वारा 374.13 लाख की धनराशि जनपद की महिलाओं को उपलब्ध करायी गयी। माननीय मुख्यमंन्त्री जी द्वारा 245 स्वयं सहायता समूहों को आनलाईन धनराशि हस्तान्तरति की गयी है।जिससे 892 परिवार आजीविका हेतु लाभान्वित हुये है। उ0प्र0 सरकार के कार्यकाल में जनपद में स्वयं सहायता समूहों के परिवारो की मासिक आमदनी 2000 रुपये से बढकर 7000 से 10000 रुपये तक हो चुकी है। स्वयं सहायता समूह की महिलाए कृषि, पशुपालन, जनरल स्टोर, कास्मेटिक शाप, सिलाई, फूलो की खेती, सब्जी उत्पादन एवं विपणन आदि विभिन्न प्रकार की 56 गतिविधियों के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रही है। जिससे उनकी सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति हुई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वयं सहायता समूह की महिलओं के द्वारा समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयो में ड्रैस सिलाई का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओ द्वारा बिजली का बिल जमा कराने एवं राशन की दुकानों के आवंटन में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। विकास खण्ड कांधला एवं थानाभवन में समूह की महिलाओ के द्वारा विद्युत बिल जमा किये जाने लगे है। विद्युत बिल जमा करने हेतु 50 एजेन्ट महिलाओ का चयन किया गया है।जिनके माध्यम से अन्य विकास खण्डो में विद्युत बिल जमा करके महिलाओं की आजीविका में आय-वृद्धि हो सके।